ऑनलाइन ट्रांजैक्‍शन के हैं कुछ थंब रूल्स, क्‍या आपको पता है इनके बारे में?

हाइलाइट्स

ई-कॉमर्स वेबसाइट पर भुगतान करते वक्‍त हमेशा वहां क्रेडिट और डेबिट कार्ड पर उपलब्‍ध ऑफर्स को भी चेक कर लें.
अगर आप फॉरेन से पैसा भारत भेज रहे हैं तो आपको हमेशा करंसी एक्‍सचेंज रेट चेक कर लेने चाहिए.
अगर कभी पब्लिक कंप्‍यूटर का प्रयोग करना भी पड़े तो ऐसा करने के बाद अपने पासवर्ड को जल्‍द से जल्‍द बदल दें.

नई दिल्‍ली. ऑनलाइन लेन-देन (Online Transaction) ने हमारी जिंदगी को बहुत आसान बना दिया है. अब एक क्लिक से हम किसी को भी और कहीं भी पैसे भेज सकते हैं. ऑनलाइन लेन-देन करना जितना आसान है, उतना ही जोखिम भरा भी. इस सुविधा का उपयोग करते वक्‍त जरा सी लापवाही बरतने पर व्‍यक्ति को बड़ी चपत भी लग सकती है.

इसलिए ऑनलाइन किसी को भी पैसा भेजते या रिसीव करते समय, हमेशा सजग रहें और कुछ मूलभूत नियमों का पालन जरूर करें. ऐसा भी नहीं हैं कि सेफ ट्रांजैक्‍शन के लिए हमें जिन बातों का ध्‍यान रखना है, उनका पालन करना बहुत मुश्किल है. सुरक्षित ऑनलाइन लेन-देन के लिए जिन 4 तथ्‍यों का सदैव ध्‍यान में रखना चाहिए. आइए उनके बारे में जानते हैं.

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सर्वोत्तम भुगतान विकल्‍प चुनें
ऑनलाइन लेन-देन करने के लिए आज बहुत से विकल्‍प हैं. यूपीआई, एनईएफटी और आरटीजीएस में से किसी का भी चुनाव आप पैसे भेजने या प्राप्‍त करने के लिए कर सकते हैं. किसी भी विकल्‍प का चुनाव भेजी या रिसीव की जाने वाली राशि, आवश्‍यकता और ट्रांजैक्‍शन की प्रकृति के आधार पर करना चाहिए. हां, बड़ी राशि का भुगतान केवल एनईएफटी या आरटीजीएस के माध्‍यम से करें.

किसी भी विकल्‍प का चुनाव करते वक्‍त बैंक द्वारा कुछ ऑप्‍शन पर वसूले जाने वाले शुल्‍क को भी ध्‍यान में रखना चाहिए. ई-कॉमर्स वेबसाइट पर भुगतान करते वक्‍त हमेशा वहां क्रेडिट और डेबिट कार्ड पर उपलब्‍ध ऑफर्स को भी चेक कर लें. इन ऑफर्स को भुनाने से काफी बचत होती है.

अमाउंट और अन्‍य जानकारियों को करें क्रॉस चैक  
किसी भी व्‍यक्ति या संस्‍थान को पैसा भेजते समय भेजी जानी वाली राशि और प्राप्‍तकर्ता की महत्‍वपूर्ण जानकारियों को क्रॉस चैक कर लेना चाहिए. बहुत बार ऐसा होता है कि जितने पैसे भेजने होते हैं, उससे ज्‍यादा राशि गलती से ट्रांसफर हो जाती है. या फिर जिसे पैसे भेजने हैं, उससे संबंधित जानकारियों के गलत दर्ज होने से पैसा किसी और के अकाउंट में चला जाता है. ज्‍यादा पैसे ट्रांसफर होने या गलत व्‍यक्ति के पास रुपये जाने पर उन्‍हें वापस पाना बहुत मुश्किल होता है.

विदेशी लेन-देन पर अतिरिक्‍त सतर्कता जरूरी
विदेश में पैसा भेजते समय और विदेश से किसी भारतीय अकाउंट में राशि डलवाते वक्‍त अतिरिक्‍त सावधानियां बरतनी चाहिए. अगर आप फॉरेन से पैसा भारत भेज रहे हैं तो आपको हमेशा करंसी एक्‍सचेंज रेट चेक कर लेने चाहिए. अलग-अलग संस्‍थानों के एक्‍सचेंज रेट्स में फर्क होता है.  इसके अलावा विदेश से पैसा भेजने पर ट्रांजैक्‍शन फीस भी चुकानी होती है. इसलिए ऐसे मैथ्‍ड का उपयोग करना चाहिए, जिसमें आपको कम शुल्‍क देना पड़े.

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पब्लिक कंप्‍यूटर का प्रयोग करने से बचें
कोई बहुत बड़ी इमरजेंसी न हो तो सार्वजनिक स्‍थानों जैसे साइबर कैफे और लाइब्रेरी में लगे कंप्‍यूटर का उपयोग कर ऑनलाइन लेनदेन करने से बचें. अगर कभी पब्लिक कंप्‍यूटर का प्रयोग करना भी पड़े तो ऐसा करने के बाद अपने पासवर्ड को जल्‍द से जल्‍द बदल दें. ऐसा करना इसलिए जरूरी है क्‍योंकि पब्लिक कंप्‍यूटर में मालवेयर और कीलॉगर्स जैसे खतरनाक सॉफ्टवेयर हो सकते हैं, जो आपकी महत्‍वपूर्ण जानकारियां चुराकर आपके बैंक अकाउंट में सेंध लगा सकते हैं.

Tags: Cyber ​​Security, Online banking, Tech News in hindi, Upi

Sagar Rajbhar
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