बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखना होगा आसान, इन ऐप्स का करें इस्तेमाल

नई दिल्ली: इन दिनों इंटरनेट पर लगभग हर वर्ग के लोग मौजूद हैं. एडल्ट से लेकर बच्चों तक हर कोई इंटरनेट की फैसिलिटी का फायदा उठा रहा है. ऑफिशियल वर्क हो या फिर पढ़ाई, सारी चीजें इंटरनेट के माध्यम से का जा रही हैं. यही कारण है कि बच्चों के पास मोबाइल फोन दिखना आम हो गया है. अब वो इंटरनेट के जरिए पढ़ाई के साथ साथ कई सारी चीजें जैसे कि गेम खेलना, सोशल मीडिया का यूज सब करते हैं और इसी वजह से कई बार बच्चे साइबर क्राइम का शिकार हो जाते हैं.

ऐसे में पेरेंट्स के लिए ज्यादा जरूरी हो गया है कि वो बच्चों की ऑनलाइन एक्टिविटी पर नजर रखें, ताकि पता चल सके कि कहीं वो किसी से तीसरे से गुमराह या फिर एब्यूज तो नहीं हो रहे हैं. आइए आपको भी बताते हैं कि मौजूदा समय में पेरेंट्स के लिए वो कौन से मोबाइल ऐप हैं, जिनके जरिये वो पता लगा सकते हैं कि उनके बच्चों की रूटीन ऑनलाइन एक्टिविटी क्या है.

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सिक्योर टीन पेरेंटल कंट्रोल
अपने बच्चों और छोटे भाई-बहन को इंटरनेट की डार्क साइड से बचाने के लिए सिक्योर टीन पेरेंटल कंट्रोल का यूज कर सकते हैं. यह ऐप स्मार्टफोन की टाइम लिमिट सेट करने का ऑप्शन देता है. जिसके बाद फोन सेट किए गए टाइम के ओवर होने के बाद फोन खुद-ब-खुद लॉक हो जाएगा. यह ऐप बच्चे की ऑनलाइन एक्टिविटी को रिकाॅर्ड भी करता है. यह ऐप पेरेंट्स और गार्जियन को फोन का रिमोट एक्सेस का भी फीचर देता है.

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किड्स प्लेस पेरेंटल कंट्रोल बोर्ड
– यह ऐप इसका पता करके देता है कि बच्चा किसे फोन कर रहा है और कितनी देर तक किससे बात कर रहे हैं.
– फेसबुक-वॉट्सऐप जैसी सोशल साइट पर वह कब और कितनी देर तक ऑनलाइन रहते हैं.
– इस ऐप के थ्रू पेरेंट्स बच्चों के फोन पर ‘व्हाइट लिस्ट’ और ‘ब्लैक लिस्ट’ भी तैयार कर सकते हैं.
– यह ऐप यूट्यूब, गूगल प्ले समेत अलग-अलग वेबसाइट का इस्तेमाल प्रतिबंधित करने की सुविधा उपलब्ध कराता है.
-यह ऐप इंटरनेट पर पढ़ाई में काफी हेल्पफुल साबित हो सकते हैंं.
– यह ऐप ‘अप्रूव्ड ऐप’ नाम के एक अनोखे फीचर से लैस है, जिसके तहत मां-बाप फोन की होमस्क्रीन पर सिर्फ उन्हीं ऐप के आइकन सेट कर सकते हैं.
– किड्स प्लेस पेरेंटल कंट्रोल बोर्ड बच्चों को नए ऐप इंस्टॉल करने, दोस्तों को फोन कॉल करने या एसएमएस भेजने और वाई-फाई के जरिए इंटरनेट से कोई कंटेंट डाउनलोड करने से रोकने की भी सुविधा देता है.

नॉर्टोन फैमिली कंट्रोल
-इस ऐप की मदद से पेरेंट्स यह देख सकते हैं कि बच्चा किस वेबसाइट का कितनी देर इस्तेमाल करता है.
– पेरेंट्स इसकी मदद से सोशल मीडिया, पॉर्न साइट और आपत्तिजनक सामग्री परोसने वाले वेबपेज तक बच्चों की पहुंच प्रतिबंधित कर सकते हैं.
– यही नहीं, बच्चा प्रॉक्सी साइट की मदद से प्रतिबंधित वेबसाइट खंगालने की कोशिश तो नहीं कर रहा, इसका अलर्ट अभिभावक अपने ईमेल पर भी मंगवा सकते हैं.
– बच्चों की कॉल हिस्ट्री, मैसेज, सोशल मीडिया नोटिफिकेशन और इंटरनेट से डाउनलोड किए जाने वाले ऐप पर नजर रखने में यह काफी कारगर साबित हो सकता है.

Sagar Rajbhar
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