सरकार ने दी चेतावनी! स्कैमर्स के निशाने पर है आपका बैंक अकाउंट, जानिए कैसे करें बचाव

हाइलाइट्स

अमेरिका, रूस और स्पेन के बाद भारतीय बैंक कन्ज्यूमर्स स्कैमर्स के निशाने पर आ गए हैं.
स्कैमर्स SOVA Android Trojan का इस्तेमाल करके लोगों को टारगेट कर रहे हैं.
जानकारी के मुताबिक SOVA मैलवेयर 200 से अधिक मोबाइल एप्लिकेशन को टारगेट कर रहा है.

नई दिल्ली. भारतीय बैंक कन्ज्यूमर ऑनलाइन स्कैमर्स के निशाने पर हैं. स्कैमर्स भारतीय बैंकिंग ग्राहकों को SOVA Android Trojan का इस्तेमाल करके एक नए तरह के मोबाइल बैंकिंग मैलवेयर के जरिए टारगेट कर रहे हैं. इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत आने वाली इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पोन्स टीम (CERT-In) ने अपने लेटेस्ट रिपोर्ट में इस बात की सूचना दी है.

एजेंसी के कहा है कि SOVA पहले संयुक्त राज्य अमेरिका, रूस और स्पेन जैसे देशों पर ध्यान केंद्रित कर रहा था. हालांकि, जुलाई 2022 के बाद से इसने कई अन्य देशों के साथ भारत को भी अपनी टारगेट लिस्ट में शामिल किया है. CERT-In के मुताबिक इस मैलवेयर का लेटेस्ट वर्जन फेक एंड्रॉयड ऐप के भीतर खुद को छुपा लेता है.

यह यूजर्स को ऐप इंस्टॉल करते वक्त क्रोम, अमेजन, एनएफटी प्लेटफॉर्म जैसी कुछ प्रसिद्ध ऐप के लोगो के साथ दिखाई देता है. SOVA मैलवेयर का नया वर्जन 200 से अधिक मोबाइल एप्लिकेशन को टारगेट कर रहा है, जिसमें बैंकिंग ऐप और क्रिप्टो एक्सचेंज/वॉलेट शामिल हैं. जब उपयोगकर्ता अपने नेट बैंकिंग ऐप में लॉग इन करते हैं और बैंक अकाउंट को एक्सेस करते हैं तो मैलवेयर क्रेडेंशियल्स को कैप्चर करता है.

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XML फाइल के अंदर इकठ्ठा करता है डेटा
रिपोर्टों के अनुसार फोन पर फेक एंड्रॉयड एप्लिकेशन इंस्टॉल होने के बाद यह डिवाइस पर इंस्टॉल किए गए सभी एप्लिकेशन की सूची कमांड एंड कंट्रोल सर्वर ( C2) को भेजता है. एजेंसी ने इसने आगे कहा कि C2 सभी टारगेट एप्लिकेशन के लिए एड्रेस की लिस्ट मैलवेयर को वापस भेजता है और इस जानकारी को एक XML फाइल के अंदर इकठ्ठी करता है. इसके बाद इन टारगेट ऐप्लीकेशन को मैलवेयर और C2 के बीच कम्यूनिकेशंस के माध्यम से मैनेज किया जाता है.

क्या काम करता है SOVA मैलवेयर
मैलवेयर कीस्ट्रोक्स एकत्र करने, कुकीज चोरी करने, मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (एमएफए) टोकन को इंटरसेप्ट करने, स्क्रीनशॉट लेने और वेबकैम से वीडियो रिकॉर्ड करने, एंड्रॉयड एक्सेसिबिलिटी सर्विस का उपयोग करके स्क्रीन क्लिक करने, स्वाइप आदि जैसे काम कर सकता है.

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प्राइवेसी और सिक्योरिटी को खतरा
रिपोर्ट में कहा गया है कि SOVA के मेकर्स ने हाल ही में इसको पांचवें वर्जन में अपग्रेड किया है और इस वर्जन में एंड्रॉयड फोन पर सभी डेटा को एन्क्रिप्ट करने की क्षमता है. रिपोर्ट के अनुसार वायरस की एक खासियत इसके सिक्योरिटी मॉड्यूल की रीफैक्टरिंग है. ये हमले संवेदनशील ग्राहक डेटा की प्राइवेसी और सिक्योरिटी को प्रभावी ढंग से खतरे में डाल सकते हैं और इसके परिणामस्वरूप लोगों के साथ बड़े पैमाने धोखाधड़ी हो सकती है.

वायरस से कैसे बचें
CERT-In ने वायरस से बचने के लिए कुछ सुझाव दिए हैं, जिनका उपयोग वायरस से सुरक्षित रहने के लिए किया जा सकता है. CERT-In के मुताबिक यूजर्स अपने डाउनलोडिंग के लिए आधिकारिक ऐप स्टोर का इस्तेमाल करें. किसी भी ऐप को डाउनलोड करते वक्त ऐप डिटेल की समीक्षा करें, डाउनलोड की संख्या, यूजर रिव्यू, कमेंट और अन्य जानकारी हासिल कर लें. इसके अलावा यूजर्स ऐप को करके परमिशन दें. साथ ही एंड्रॉयड अपडेट और पैच इंस्टॉल करें और अविश्वसनीय ब्राउज न करें.

Tags: Apps, Hacking, Online banking, Scam, Tech news, Tech News in hindi

Sagar Rajbhar
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