BJP Politics: अमरिंदर सिंह ही नहीं ये पूर्व मुख्यमंत्री भी हुए हैं भाजपा में शामिल, कई ने बनाई थी अपनी पार्टी

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पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सोमवार को भाजपा का दामन थाम लिया। उनके साथ ही उनकी पार्टी पंजाब लोक कांग्रेस का भी भाजपा में विलय हो गया। उन्होंने भाजपा के वरिष्ठ नेता नरेंद्र सिंह तोमर और किरेन रिजिजू की उपस्थिति में भाजपा की सदस्यता ली। भाजपा में शामिल होने के बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह का नाम उन पूर्व मुख्यमंत्रियों में शुमार हो गया है जो बीते कुछ सालों मे भाजपा में शामिल हुए हैं। 

कैप्टन अमरिंदर सिंह 2002 से 2007 तक और फिर मार्च 2017 से सितंबर 2021 तक दो बार पंजाब के मुख्यमंत्री रहे। बाद में उन्होंने कांग्रेस छोड़ कर अपनी खुद की पंजाब लोक कांग्रेस (पीएलसी) पार्टी बनाई। हालांकि उनकी पार्टी पंजाब में पिछले विधानसभा चुनाव में अपनी छाप छोड़ने में विफल रही थी और एक भी सीट नहीं जीत सकी थी।

ये पूर्व मुख्यमंत्री भी हुए भाजपा में शामिल
गौरतलब है कि कैप्टन से पहले हाल ही में गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री दिगंबर कामत ने भी पाला बदल लिया था। वे अपने साथ सात अन्य विधायकों को भी लेकर भाजपा में शामिल हुए थे। जिसके बाद गोवा में कांग्रेस की हालत यह हो गई थी कि उसके पास सदन में नेता विपक्ष के पद की दावेदारी करने के लिए भी पर्याप्त संख्या बल नहीं बचा था। हालांकि भाजपा में शामिल होने वाले पूर्व मुख्यमंत्रियों में एस एम कृष्णा, नारायण राणे और विजय बहुगुणा का नाम भी शामिल है। 

मुख्यमंत्री, विदेश मंत्री और राज्यपाल रहने वाले एसएम कृष्णा ने थामा था भाजपा का दामन
भाजपा में शामिल होने वाले पूर्व मुख्यमंत्रियों की सूची में एसएम कृष्णा का नाम भी आता है। एसएम कृष्णा 1999 से मई 2004 तक कर्नाटक के मुख्यमंत्री रहे। उस समय वे कांग्रेस में थे। इसके साथ ही वे कांग्रेस के शासन काल में 2009 से 2012 तक देश के विदेश मंत्री भी रहे। उन्होंने महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में भी काम किया है। पूर्व सीएम एसएम कृष्णा ने साल 2017 में भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली थी। 

कई नावों की सवारी के बाद नाराणय राणे आए थे भाजपा में
उनके अलावा, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री नारायण राणे भी शिवसेना छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए थे। मात्र 16 साल की उम्र में साल 1968 में नारायण राणे, शिवसेना में शामिल हुए थे। बाद में, जब साल 1996 में महाराष्ट्र में शिवसेना और भाजपा की सरकार बनी तो राणे को पहली बार मंत्रिमंडल में शामिल किया गया था। इसके बाद जब मनोहर जोशी महाराष्ट्र के सीएम पद से हटे तो राणे एक फरवरी 1999 में महाराष्ट्र के सीएम बने। इसके बाद जब उद्धव ठाकरे ने शिवसेना की कमान संभाली तो नारायण राणे का पार्टी से मोहभंग शुरू हो गया। उद्धव ठाकरे की कार्यशैली और क्षमता पर सवाल खड़े करने के आरोप में उन्हें पार्टी से बाहर निकाल दिया गया। इसके बाद साल 2005 में नारायण राणे कांग्रेस की नाव पर सवार हो गए। कांग्रेस में रहते हुए  विवादित बयानों के कारण पार्टी से उनको निलंबित भी किया गया। बाद में 19 फरवरी 2009 को पार्टी की मुखिया सोनिया गांधी को माफीनामा देने के बाद उनका निलंबन रद्द किया गया। बाद में साल 2017 में नारारण राणे ने अपनी महाराष्ट्र स्वाभिमान पार्टी बनाई। इसके महज एक साल बाद 2018 में उन्होंने अपनी पार्टी का भाजपा में विलय कर लिया और खुद भी भाजपा में शामिल हो गए। नारायण राणे वर्तमान में केंद्रीय मंत्री हैं।  

विजय बहुगुणा 2016 में भाजपा में शामिल हुए थे
उत्तर प्रदेश के पड़ोसी राज्य उत्तराखंड के छठे मुख्यमंत्री बने विजय बहुगुणा भी कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। पूर्व सीएम विजय बहुगुणा के पिता और फ्रीडम फाइटर रहे हेमवती नंदन बहुगुणा कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में शुमार थे। उनके बाद विजय बहुगुणा भी कांग्रेस की राजनीति करते थे। कांग्रेस के चुनाव निशान पर ही मार्च 2012 से जनवरी 2014 तक उत्तराखंड के सीएम रहे। साल 2013 में जब उत्तराखंड में भयानक आपदा आई तब तत्कालीन सीएम विजय बहुगुणा पर  लापरवाही के कई आरोप लगे। इसी के चलते नाराज कांग्रेस हाईकमान ने फरवरी, 2014 में विजय बहुगुणा को हटाकर हरीश रावत को मुख्यमंत्री बना दिया था। बाद में साल 2016 में विजय बहुगुणा ने भाजपा का दामन थाम लिया था। 

एन किरण रेड्डी का नाम भी है लिस्ट में
दक्षिण भारत की राजनीति में भी इसी तरह कांग्रेस के नेता भाजपा मे शामिल हो गए थे। इस क्रम में आंध्र प्रदेश के सीएम रहे एन किरण रेड्डी ने कांग्रेस को छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया था। एन किरण रेड्डी जून 2014 में तेलंगाना राज्य के गठन से पहले संयुक्त आंध्र प्रदेश के अंतिम मुख्यमंत्री थे। 

नारायण दत्त तिवारी ने भी थामा था भाजपा का हाथ
पुराने समय के कांग्रेस नेता नारायण दत्त तिवारी 1976 से 1977, 1984 से 1985 और 1988 से 1989 तक उत्तर प्रदेश के तीन बार मुख्यमंत्री रहे। बाद में 2002 से 2007 तक वे उत्तराखंड के मुख्यमंत्री भी रहे। उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में 2017 के विधानसभा चुनावों से पहले उन्होंने कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे। 

भाजपा में आने वाले मुख्यमंत्रियों में ये नेता भी शामिल
इसी तरह अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू भी कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे। सितंबर 2016 में, कांग्रेस के 43 विधायकों के साथ वह बीजेपी की सहयोगी पीपुल्स पार्टी ऑफ अरुणाचल में शामिल हो गए थे। 

भाजपा में शामिल होने वाले मुख्यमंत्रियों में एन बीरेन सिंह का नाम भी आता है। उन्होंने अक्टूबर 2016 में कांग्रेस छोड़ दी थी और कांग्रेस के तत्कालीन मुख्यमंत्री इबोबी सिंह के खिलाफ विद्रोह के बाद भाजपा में शामिल हो गए थे। इसके बाद साल 2017 में वह मणिपुर में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री बने। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत वर्ष 2002 में डेमोक्रेटिक रिवॉल्यूशनरी पीपुल्स पार्टी से करने वाले सिंह राज्य की हेनगांग विधानसभा सीट से विधायक चुने गए थे।

इन नेताओं ने भी थामा भाजपा का साथ
पूर्व मुख्यमंत्रियों के अलावा, कांग्रेस और अन्य दलों के कई अन्य शीर्ष नेता पिछले कुछ वर्षों में भाजपा में शामिल हुए हैं। इनमें पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, आरपीएन सिंह और जितिन प्रसाद शामिल हैं। असम में कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे पूर्व कांग्रेस नेता हिमंत बिस्वा सरमा भी कांग्रेस छोड़ने के बाद भाजपा में शामिल हो गए थे। इसके अलावा, टीएमसी के सुवेंदु अधिकारी, कुलदीप बिश्नोई, भुवनेश्वर कलिता, खुशबू सुंदर, सतपाल महाराज, रीता बहुगुणा जोशी और जगदंबिका पाल और गौरव भाटिया (सपा से) जैसे नेता भी भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए थे। 

विस्तार

पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सोमवार को भाजपा का दामन थाम लिया। उनके साथ ही उनकी पार्टी पंजाब लोक कांग्रेस का भी भाजपा में विलय हो गया। उन्होंने भाजपा के वरिष्ठ नेता नरेंद्र सिंह तोमर और किरेन रिजिजू की उपस्थिति में भाजपा की सदस्यता ली। भाजपा में शामिल होने के बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह का नाम उन पूर्व मुख्यमंत्रियों में शुमार हो गया है जो बीते कुछ सालों मे भाजपा में शामिल हुए हैं। 

कैप्टन अमरिंदर सिंह 2002 से 2007 तक और फिर मार्च 2017 से सितंबर 2021 तक दो बार पंजाब के मुख्यमंत्री रहे। बाद में उन्होंने कांग्रेस छोड़ कर अपनी खुद की पंजाब लोक कांग्रेस (पीएलसी) पार्टी बनाई। हालांकि उनकी पार्टी पंजाब में पिछले विधानसभा चुनाव में अपनी छाप छोड़ने में विफल रही थी और एक भी सीट नहीं जीत सकी थी।

ये पूर्व मुख्यमंत्री भी हुए भाजपा में शामिल

गौरतलब है कि कैप्टन से पहले हाल ही में गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री दिगंबर कामत ने भी पाला बदल लिया था। वे अपने साथ सात अन्य विधायकों को भी लेकर भाजपा में शामिल हुए थे। जिसके बाद गोवा में कांग्रेस की हालत यह हो गई थी कि उसके पास सदन में नेता विपक्ष के पद की दावेदारी करने के लिए भी पर्याप्त संख्या बल नहीं बचा था। हालांकि भाजपा में शामिल होने वाले पूर्व मुख्यमंत्रियों में एस एम कृष्णा, नारायण राणे और विजय बहुगुणा का नाम भी शामिल है। 

मुख्यमंत्री, विदेश मंत्री और राज्यपाल रहने वाले एसएम कृष्णा ने थामा था भाजपा का दामन

भाजपा में शामिल होने वाले पूर्व मुख्यमंत्रियों की सूची में एसएम कृष्णा का नाम भी आता है। एसएम कृष्णा 1999 से मई 2004 तक कर्नाटक के मुख्यमंत्री रहे। उस समय वे कांग्रेस में थे। इसके साथ ही वे कांग्रेस के शासन काल में 2009 से 2012 तक देश के विदेश मंत्री भी रहे। उन्होंने महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में भी काम किया है। पूर्व सीएम एसएम कृष्णा ने साल 2017 में भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली थी। 

कई नावों की सवारी के बाद नाराणय राणे आए थे भाजपा में

उनके अलावा, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री नारायण राणे भी शिवसेना छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए थे। मात्र 16 साल की उम्र में साल 1968 में नारायण राणे, शिवसेना में शामिल हुए थे। बाद में, जब साल 1996 में महाराष्ट्र में शिवसेना और भाजपा की सरकार बनी तो राणे को पहली बार मंत्रिमंडल में शामिल किया गया था। इसके बाद जब मनोहर जोशी महाराष्ट्र के सीएम पद से हटे तो राणे एक फरवरी 1999 में महाराष्ट्र के सीएम बने। इसके बाद जब उद्धव ठाकरे ने शिवसेना की कमान संभाली तो नारायण राणे का पार्टी से मोहभंग शुरू हो गया। उद्धव ठाकरे की कार्यशैली और क्षमता पर सवाल खड़े करने के आरोप में उन्हें पार्टी से बाहर निकाल दिया गया। इसके बाद साल 2005 में नारायण राणे कांग्रेस की नाव पर सवार हो गए। कांग्रेस में रहते हुए  विवादित बयानों के कारण पार्टी से उनको निलंबित भी किया गया। बाद में 19 फरवरी 2009 को पार्टी की मुखिया सोनिया गांधी को माफीनामा देने के बाद उनका निलंबन रद्द किया गया। बाद में साल 2017 में नारारण राणे ने अपनी महाराष्ट्र स्वाभिमान पार्टी बनाई। इसके महज एक साल बाद 2018 में उन्होंने अपनी पार्टी का भाजपा में विलय कर लिया और खुद भी भाजपा में शामिल हो गए। नारायण राणे वर्तमान में केंद्रीय मंत्री हैं।  

विजय बहुगुणा 2016 में भाजपा में शामिल हुए थे

उत्तर प्रदेश के पड़ोसी राज्य उत्तराखंड के छठे मुख्यमंत्री बने विजय बहुगुणा भी कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। पूर्व सीएम विजय बहुगुणा के पिता और फ्रीडम फाइटर रहे हेमवती नंदन बहुगुणा कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में शुमार थे। उनके बाद विजय बहुगुणा भी कांग्रेस की राजनीति करते थे। कांग्रेस के चुनाव निशान पर ही मार्च 2012 से जनवरी 2014 तक उत्तराखंड के सीएम रहे। साल 2013 में जब उत्तराखंड में भयानक आपदा आई तब तत्कालीन सीएम विजय बहुगुणा पर  लापरवाही के कई आरोप लगे। इसी के चलते नाराज कांग्रेस हाईकमान ने फरवरी, 2014 में विजय बहुगुणा को हटाकर हरीश रावत को मुख्यमंत्री बना दिया था। बाद में साल 2016 में विजय बहुगुणा ने भाजपा का दामन थाम लिया था। 

एन किरण रेड्डी का नाम भी है लिस्ट में

दक्षिण भारत की राजनीति में भी इसी तरह कांग्रेस के नेता भाजपा मे शामिल हो गए थे। इस क्रम में आंध्र प्रदेश के सीएम रहे एन किरण रेड्डी ने कांग्रेस को छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया था। एन किरण रेड्डी जून 2014 में तेलंगाना राज्य के गठन से पहले संयुक्त आंध्र प्रदेश के अंतिम मुख्यमंत्री थे। 

नारायण दत्त तिवारी ने भी थामा था भाजपा का हाथ

पुराने समय के कांग्रेस नेता नारायण दत्त तिवारी 1976 से 1977, 1984 से 1985 और 1988 से 1989 तक उत्तर प्रदेश के तीन बार मुख्यमंत्री रहे। बाद में 2002 से 2007 तक वे उत्तराखंड के मुख्यमंत्री भी रहे। उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में 2017 के विधानसभा चुनावों से पहले उन्होंने कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे। 

भाजपा में आने वाले मुख्यमंत्रियों में ये नेता भी शामिल

इसी तरह अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू भी कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे। सितंबर 2016 में, कांग्रेस के 43 विधायकों के साथ वह बीजेपी की सहयोगी पीपुल्स पार्टी ऑफ अरुणाचल में शामिल हो गए थे। 

भाजपा में शामिल होने वाले मुख्यमंत्रियों में एन बीरेन सिंह का नाम भी आता है। उन्होंने अक्टूबर 2016 में कांग्रेस छोड़ दी थी और कांग्रेस के तत्कालीन मुख्यमंत्री इबोबी सिंह के खिलाफ विद्रोह के बाद भाजपा में शामिल हो गए थे। इसके बाद साल 2017 में वह मणिपुर में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री बने। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत वर्ष 2002 में डेमोक्रेटिक रिवॉल्यूशनरी पीपुल्स पार्टी से करने वाले सिंह राज्य की हेनगांग विधानसभा सीट से विधायक चुने गए थे।

इन नेताओं ने भी थामा भाजपा का साथ

पूर्व मुख्यमंत्रियों के अलावा, कांग्रेस और अन्य दलों के कई अन्य शीर्ष नेता पिछले कुछ वर्षों में भाजपा में शामिल हुए हैं। इनमें पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, आरपीएन सिंह और जितिन प्रसाद शामिल हैं। असम में कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे पूर्व कांग्रेस नेता हिमंत बिस्वा सरमा भी कांग्रेस छोड़ने के बाद भाजपा में शामिल हो गए थे। इसके अलावा, टीएमसी के सुवेंदु अधिकारी, कुलदीप बिश्नोई, भुवनेश्वर कलिता, खुशबू सुंदर, सतपाल महाराज, रीता बहुगुणा जोशी और जगदंबिका पाल और गौरव भाटिया (सपा से) जैसे नेता भी भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए थे। 

Sagar Rajbhar
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