Gold-Silver Price: छह महीने में छह हजार रुपये प्रति दस ग्राम तक सस्ता हुआ सोना, जानिए क्या है इसका कारण?

ख़बर सुनें

अमेरिका में लगातार बढ़ रही महंगाई देखकर पूरी दुनिया के निवेशक निवेश करने में सावधानी बरत रहे हैं। पिछले हफ्ते अमेरिका में महंगाई को जो आंकड़े जारी किए गए वे उम्मीद से कहीं ज्यादा खराब निकले। महंगाई ये आंकड़े सामने आने के बाद इस बहस ने जोड़ पकड़ लिया है कि फेडरल रिजर्व इस सप्ताह ब्याज दरों को बढ़ा सकता है। इस कारण निवेशक अन्य माध्यमों के बजाय डॉलर में निवेश करने को प्राथमिकता दे रहे हैं। डॉलर में निवेशकों की दिलचस्पी सोने की कीमतों पर प्रतिकूल असर डाल रही है। इसके साथ ही घरेलू बाजार में सोने की मांग में कमी के कारण भी सोना कमजोर हो रहा है।  भारतीय बाजार में सोने की कीमतों में पिछले एक हफ्ते के दौरान ही लगभग 1500 रुपये यानी लगभग तीन प्रतिशत तक की कमी आ गई है। 

अमेरिका में महंगाई के आंकड़े जारी होने के बाद बाजार के जानकार मानते हैं कि फेडरल रिजर्व एक सप्ताह में ब्याज दरों को सौ बेसिस प्वाइंट यानी लगभग एक फीसदी तक बढ़ा सकता है। इस आशंक के बीच डॉलर इंडेक्स लगातार मजबूत हो रहा है और इससे निवेशकों की दिलचस्पी पीली धातु में घट रही है। इस स्थिति के कारण सोने की कीमतों में गिरावट आ रही है। सोमवार की सुबह गोल्ड एमसीएक्स पर गोल्ड फ्यूचर 0.3 फीसदी गिरकर 49,237 रुपये प्रति दस ग्राम के भाव पर कारोबार कर रहा है। यह सोने की कीमतों का करीब छह महीने का सबसे निम्नतम स्तर है। वहीं, चांदी एमसीएक्स पर लगभग स्थिर रहते  हुए 56,820 रुपये प्रति किलोग्राम पर ट्रेड कर रही थी।   

दुनियाभर के बाजार में सोने के भाव में कमजोरी दिख रही है। यूएस गोल्ड स्पाॅट की कीमतों में पिछले कारोबारी दिन लगभग 1667.85 डॉलर (0.42%) प्रति औंस की कमी देखने को मिली। सोने के साथ चांदी की कीमतों में भी नरमी है। स्पॉट सिल्वर के भाव भी कमजोर दिखे। स्पाॅट सिल्वर 0.22 फीसदी कम होकर 19.36 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। 

ग्लोबल मार्केट के कारोबारी हलचल का असर देश के सर्राफा बाजार पर भी पड़ रहा है। देश में सोने की कीमतों में गिरावट का रुख जारी है। अक्टूबर एक्सपायरी वाली एमसीएक्स गोल्ड फ्यूचर 0.38 फीसदी की गिरावट के साथ 49,190 रुपये प्रति दस ग्राम के भाव पर कारोबार कर रहा है। वहीं दिसंबर एक्सपायरी वाली सिल्वर फ्यूचर में 0.13 प्रतिशत की मामूली तेजी है। यह फिलहाल 56,796 रुपये पर ट्रेड कर रहा है। बीते छह महीने में औसत रूप से देखा जाए तो सोना छह हजार रुपये प्रति दस ग्राम की कमजोरी के साथ कारोबार कर रहा है।

केंद्र सरकार ने बीते दिनों सोने के आयात पर शुल्क (Basic Import Duty) को 7.5 फीसदी से बढ़ाकर 12.5 फीसदी करने का फैसला लिया है। सरकार ने यह कदम देश में सोने की डिमांड पर काबू पाने के लिए किया है। सरकार के आयात शुल्क बढ़ाने के फैसले से घरेलू बाजार में सोने की मांग घटी है। इसके कारण भी देश के सर्राफा बाजार में सोने की कीमतें कम हुईं हैं। बता दें कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा सोना आयात देशों में दूसरे नंबर पर है। ऐसे में आयात शुल्क बढ़ने से देश में सोने की मांग में कमी दर्ज की जाती है।

विस्तार

अमेरिका में लगातार बढ़ रही महंगाई देखकर पूरी दुनिया के निवेशक निवेश करने में सावधानी बरत रहे हैं। पिछले हफ्ते अमेरिका में महंगाई को जो आंकड़े जारी किए गए वे उम्मीद से कहीं ज्यादा खराब निकले। महंगाई ये आंकड़े सामने आने के बाद इस बहस ने जोड़ पकड़ लिया है कि फेडरल रिजर्व इस सप्ताह ब्याज दरों को बढ़ा सकता है। इस कारण निवेशक अन्य माध्यमों के बजाय डॉलर में निवेश करने को प्राथमिकता दे रहे हैं। डॉलर में निवेशकों की दिलचस्पी सोने की कीमतों पर प्रतिकूल असर डाल रही है। इसके साथ ही घरेलू बाजार में सोने की मांग में कमी के कारण भी सोना कमजोर हो रहा है।  भारतीय बाजार में सोने की कीमतों में पिछले एक हफ्ते के दौरान ही लगभग 1500 रुपये यानी लगभग तीन प्रतिशत तक की कमी आ गई है। 

Sagar Rajbhar
Sagar Rajbharhttp://newsddf.com
Sagar is the founder of this Hindi blog. He is a Professional Blogger who is interested in topics related to SEO, Technology, Internet. If you need some information related to blogging or internet, then you can feel free to ask here. It is our aim that you get the best information on this blog.
- Advertisment -
RELATED ARTICLES